Tuesday, September 8, 2020

Fairy Story in Hindi परी की कहानी

Fairy Story in Hindi परी की कहानी

fairy story in hindi

 Fairy Story in Hindi परी की कहानी

जंगल के किनारे आदिवासियों की एक बस्ती थी। उस बस्ती के लोग सुबह होते ही शिकार के लिए चल पड़ते थे। उनके कुत्ते भेड़ियों की तरह लम्बे बालों वाले थे। वे शेर का भी मुकाबला करते थे। हिरण और लकड़बग्घे को दबोचना उनके लिए बड़ा आसान था। आदिवासी अपने इन कुत्तों को जान से ज्यादा प्यार करते थे।

धनवा नाम का एक किशोर इसी बस्ती में रहता था। मगर बस्ती वालों से वह दूर-दूर ही रहता था। उसके दोस्त या तो पश होते या पक्षी। धनवा का एक हाथ और एक पांव टेढ़ा था। जब वह लंगड़ाता हुआ चलता तो लड़के उसका मजाक उड़ाते। इसी बात से धनवा दुखी रहता था। उसका मन करता था कि वह गांव छोड़कर चला जाए लेकिन फिर मांबाप का ख्याल करके रुक जाता। अक्सर वह बस्ती से दूर किसी पेड़ के नीचे बैठ जाता और सारा दिन पशु-पक्षियों की आवाजें सुनता रहता। कभी सोचता कि भगवान ने मुझे ऐसा क्यों बनाया? उसे कभी गांव के लड़कों पर गुस्सा आता तो कभी वह अपनी किस्मत पर आंसू बहाने लगता।

एक दिन उसे घर लौटने में शाम हो गई। वह घने जंगल में दूर चला गया था। वहीं एक पेड़ के नीचे बैठकर वह किसी खरगोश के साथ खेलता रहा। वहां उसने कुछ नए पक्षी भी देखे। वह घर लौटने की सोच ही रहा था कि अचानक एक चमकीली चिड़िया उसके सिर पर मंडराने लगी। धनवा ने देखा चिड़िया बार-बार रंग बदल रही थी और मीठी आवाज में ची-चीं करती चक्कर काट रही थी।

धनवा से रहा नहीं गया। वह उस चिड़िया को पकड़ने के लिए उठ खड़ा हुआ। चिड़िया जिस तरफ उड़ती, वह भी उसी तरफ भागने लगता। अचानक चिड़िया की चोंच से स्त्री का स्वर सुनाई पड़ा, “मैं चमकीली परी हूं, क्या तुम मेरे साथ खेलोगे?"

धनवा बोला, "क्यों नहीं, लेकिन तुम रहती कहां हो?" चिड़िया बोली, "परी लोक में रहती हूं।"
धनवा ने अपने माता-पिता से कई बार परी लोक की कहानियां सुनी थीं। वह चिड़िया के पीछे-पीछे चल पड़ा। चिड़िया धीरे-धीरे उड़ रही थी । धनवा कभी तेज चलता तो कभी दौड़ लगाता। आखिर वह एक जगह थककर बैठ गया। चिड़िया ने उसे थका हुआ देखा तो उसे उस पर दया आ गई।

बोली, "बालक इस तरह तो तुम थककर चूर हो जाओगे। मैं तुम्हारे लिए अपने पंख फैलाती हूं। तुम उन पर बैठ जाना, फिर मैं तुम्हें उड़ाकर अपने साथ ले जाऊंगी। तुम्हें कष्ट नहीं होगा।"
धनवा आश्चर्य से उसकी ओर देखने लगा। चिड़िया का आकार बड़ा होने लगा था। अब वह बहुत बड़ी दिखाई दे रही थी। धनवा मजे से उस पर बैठ गया। चिड़िया आकाश में उड़ने लगी। ऊपर और ऊपर, जहां साधारण पक्षी नहीं पहुंच पाते थे।

वह उड़ती जा रही थी। चिडिया च्या अंतरिक्ष में पहुंची तो धनवा के हाथ-पांवों में भार नहीं रहा। वह चिडिया के पंखों से गिर पड़ा और स्वयं ही आकाश में तैरने लगा। उसे लगा जैसे वह भी एक चिड़िया बन गया है। चिड़िया ने जब उसे अंतरिक्ष में तैरते हुए देखा तो चिंता में पड़ गई। सोचने लगी, "इस तरह तो यह पीछे रह जाएगा। परी लोक तो अभी बहुत यह सोच कर वह फिर पीछे की ओर मुड़ी और बोली, "बालक! मुझे कस कर पकड़ लो। अगर इसी तरह ही उड़ना चाहते हो तो मेरे साथ उड़ो।"

धनवा कुछ देर तक चिड़िया को पकड़कर उड़ता रहा और फिर उसके पंखों पर बैठ गया। चिड़िया पुनः बोली, "तुम मेरे साथ परी लोक की सैर करना लेकिन एक शब्द भी मत बोलना। अगर बोले तो परियों की रानी तुम्हें कारागार में भेज देगी। फिर तुम सारी उम्र वही सड़ते रहोगे। यह भी याद रखना कि मैं वहां जाते ही एक परी की शक्ल में बदल जाऊंगी। बस मेरे पंख दूसरी परियों से भिन्ना होंगे। उनसे रंगबिरंगी किरणें निकल रही होंगी।

इससे तुम मुझे पहचान सकोगे।" धनवा बोला, "तुम फिक्र न करो। मैं बिल्कुल नहीं बोलंगा लेकिन मुझे अपना पूरा महल अवश्य दिखाना।" चिड़िया उसे लेकर परी लोक में पहुंच गई। वहां जाते ही वह परी की शक्ल में आ गई। धनवा ने देखा वहां दूध की नदियां बह रही हैं। सेब के रस के झरने हैं। वृक्ष तरह-तरह के मीठे फलों से लदे हैं। कई पेड़ों पर मिठाइयां लटकी हुई हैं। चिड़िया परी ने धनवा को एक कुंज में छोड़ दिया और कहा, "तुम यहीं रहो, यहां तुम्हें भूख-प्यास नहीं सताएगी। बीच-बीच में मैं आया करूंगी तुम्हें परी लोक की सैर भी करा दूंगी।"

धनवा रोज पेट भर मिठाइयां खाता, फल खाता, जी भरकर दूध पीता और सेब के रस का आनंद लेता। एक दिन उसने देखा कि उसके टेढ़े हाथ और पांव बिल्कुल ठीक हो गए हैं। यह देखकर वह बड़ा खुश हुआ। कुछ दिन बाद उसे अपने माता-पिता की याद आने लगी। उसने परी से घर जाने की प्रार्थना की। परी चिडिया बन गई और उसे अपने पंखों पर बैठाकर पृथ्वी पर ले आई। वह परी लोक से अपने साथ फल भी लाई थी।

धनवा से विदा लेते समय उसने कहा, "धनवा जब तुम अपंग नहीं हो। अब कोई तुम्हारा मजाक नहीं उड़ाएगा। मैं तुम्हें परी लोक का एक फल भी एक दिन उसे घर लौटने में शाम हो गई। वह घने जंगल में दूर चला गया था। वहीं एक पेड़ के नीचे बैठकर वह किसी खरगोश के साथ
खेलता रहा। वहां उसने कुछ नए पक्षी भी देखे। वह घर लौटने की सोच ही रहा था कि अचानक एक चमकीली चिड़िया उसके सिर पर मंडराने लगी। धनवा ने देखा चिडिया बारबार रंग बदल रही थी और मीठी आवाज में चीची करती चक्कर काट रही थी।

दे रही हूं, इसे किसी पेड़ के खोखल में रख देना। तुम जितने चाहोगे उतने फल उस खोखल से निकल आया करेंगे लेकिन शर्त यह है कि प्रतिदिन बच्चों को एक-एक फल अवश्य देना, अन्यथा यह फल अपने आप उड़कर परी लोक में पहुंच जाएगा।" - इसके बाद धनवा ने परी के सामने ही वह फल एक पेड़ के खोखल में डाल दिया। इसके बाद परी धनवा से विदा लेकर अपने लोक चली गई।

कहते हैं आज भी उस पेड़ के खोखल से फल गिरते हैं लेकिन उसे केवल आदिवासी बच्चे ही खा सकते हैं। दूसरों को तो वे दिखाई भी नहीं देते। धनवा आज नहीं है लेकिन वहां एक पक्षी होता है जो 'धनवा-धनवा' की आवाजें करता हुआ उड़ा करता है।


Saturday, August 8, 2020

Jokes ka pitara

Jokes ka pitara



New Funny Jokes in Punjabi Language


1. बीबी के बाप को ससुर कहते हैं
तो Girlfriend के बाप को क्या कहा जाएगा
मुन्ना जी बताओ तो जरा 
शादी के लिए हाँ कर दी तो ससुर
नहीं तो असुर ...
New Funny Jokes in Punjabi Language

2. टीचर : बताओ यदि एक छोटा सा ग्रह धरती से
टकरा जाए तो क्या होगा ?
मिंटू : टन टना की आवाज़ आएगी
टीचर  : वो कैसे ?
मिंटू  : क्योंकि
ये दुनिया …… ये दुनिया पीतल की

3. एक औरत दूकान में घुसी समाना देखते -देखते उसने दूकान के नौकर को पूरा पपरेशान कर दिया
फिर कहने लगी मेरे ख्याल से तुम अपने मालिक को बुलाओ
कम से कम उसे तो थोड़ी समझ होगी
नौकर : जी हां उन्हें मुझ से ज्यादा अक्ल है .
तभी तो वह आपको अंदर आता देख दूकान से खिसक गए
New Funny Jokes in Punjabi Language

4. रोहित  : तुम्हारे घर में तो नौकरानी है
फिर तुम खुद धुलाई क्यों कर रहे हो ?
मनोज  : मैंने उससे शादी जो कर ली है
New Funny Jokes in Punjabi Language

5. बंटी : यार जो तुमने मुझे पौधा दिया था
मैंने घर के गमले में लगाया था
वह अभी तक बढ़ा नहीं है
दोस्त  – तुम्हे कैसे मालूम ?
बंटी  – क्योंकि में उसे रोज उखाड़ कर देखता हूं
6. एक व्यक्ति बड़ी ही तेज़ी से होटल में घुसा और बेटर से बोला
इससे पहले के दंगा हो जाए “मुझे दो समोसे ला दो “
वेटर ने समोसे लाकर दे दिए
कुछ देर बाद
व्यक्ति – इससे पहले के दंगा हो जाए मुझे एक ग्लास जूस का ला दो
वेटर ने जूस भी लाकर दे दिया
इसी तरह यह कहकर व्वो आदमी वेटर से बहुत सारी चीज़ें मंगवाता रहा और खाता रहा
आखिर होटल के मालिक से रहा ना गया
मालिक ने पूछा – भाई दंगा क्यों होने वाला है ?
व्यक्ति – क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं हैं
7. दो चूहे बाइक पर मजे से घूम रहे थे जी
अचानक उनसे एक शेर के बच्चे ने लिफ्ट मांग ली
उनमे से एक चूहा बोला
एक बार फिर से सोच ले
बाद में तुम्हारी माँ ना बोले …..
के गुंडों के साथ घूमता है ……
8. Boy – में तुम्हारे घर गया था
मुझे लगता है हमारी शादी नहीं होगी
Girl – क्यों नहीं हो सकती है ? तुम पापा से मिले थे …
Boy – नहीं डार्लिंग तुम्हारी बहन से मिला था
क्या दिखती है तुम्हरी बहन यार ….
9. Pappu का पिता उसे बुरी तरह पीट रहा था
पड़ोसी  – अरे इस बच्चे को क्यों पीट रहे हो ?
पिता  – कल इसका result आने वाला है
आज मुझे तीन दिनों के लिए बाहर जाना पड़ रहा है …
मैंने सोचा पहले ही पीट दूँ …
10. लड़का अपने दोस्त से
यार मेरा ब्रेकअप हो गया हद तो तब हुई जब उसने मुझे अपने
नये बॉयफ्रेंड की तस्वीर मुझे send की
दोस्त  – तुम्हारे साथ तो बहुत बुरा हुआ
पर तुमने क्या किया ?
लड़का  – मैंने वो फोटो उसे पापा को send कर दी …
Pagal jokes in hindi

Pagal jokes in hindi

 दो मूर्ख तेज स्वर में बातें कर रहे थे। एक ने कहा, "अब मैं सोचता हूं कि लाल किला खरीद ही लिया जाए।"

इस पर दूसरे ने आस्तीन चढ़ाते हुए कहा, "तू खरीदेगा तो तब न जब मैं बेचूंगा।"

Time joke in hindi 

* ** * बुरा वक्त आया तो एक अभिनेता महंगे होटलों की बजाय मुम्बई के एक बेहद सस्ते होटल में खाना खाने को विवश हो गया। उसे यह देख कर हैरानी हुई कि उसका पुराना मित्र वहां बैरागिरी कर रहा है सो उसने हैरत से पूछा, “अरे, तुम ऐसे मामूली होटल में और बैरा?"

अभिनेता ने हैरत से पूछा।

"हां, लेकिन अभी तक तो ऐसी हालत नहीं हुई कि कम से कम भोजन इस होटल में खाना पड़े।" जवाब मिला।

नीरज (प्रथम से), "बेटा पेपर कैसा हुआ?" प्रथम, “पिता जी एक सवाल गलत हो गया।"

नीरज, "चलो खैर, बाकी तो सब तुमने ठीक किए हैं न?"

प्रथम, “पापा, बाकी तो मैंने किए ही नहीं।"

**** एक मूर्ख मुम्बई घूमने के बाद गांव वापस पहुंचा तो लोगों ने उसे घेर कर पूछा, "मुम्बई कैसी है?"

वह बोला, "मुम्बई तो बहुत अच्छी है पर वहां की सरकार बड़ी कंजूस है। एक ड्राइवर की तनख्वाह बचाने के लिए बस के ऊपर बस रखकर चलाती है।"

एक पार्टी में राज ने संजीव से कहा, "मझे आपसे मिल कर बहुत खुशी हुई।"

संजीव, "लेकिन मुझे तो आपसे मिल कर बिल्कुल भी खुशी नहीं हुई।"

राजू, "अगर कुछ देर के लिए आप भी मेरी तरह झूठ बोल देते तो क्या हर्ज था।"

कमल (दुकानदार से), "आपकी दुकान में रखे हुए जूते वैसे तो बहुत बढ़िया दिखते हैं पर इनके चलने की क्या गारंटी है?"

दुकानदार, "इससे बड़ी गारंटी और क्या होगी कि जो भी इन्हें हमसे खरीद कर ले गया है वह दोबारा हमारी दुकान पर कभी नहीं आया।


Sunday, July 26, 2020

Ruk jao Ginne to do

Ruk jao Ginne to do

पति अपनी पति से

तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड था क्या ?

पत्नी कुछ देर तक चुप रही

पति  : में इस खामोशी को क्या समझूं

पत्नी  : रुक जाओ , गिनने तो दो

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टीचर  : तुम्हारी कास्ट क्या है ?

बच्चा   : पहले तो हम राजपूत थे

फिर हम पंडित हो गए

फिर बनिया हो गए

और अब हम दर्जी हैं

आगे अम्मी की मर्जी

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Teacher Student Funny Joke 

अध्यापक पप्पू से

जिसके दोनों हाथ नहीं होते उसे क्या कहते हैं

पप्पू  : मास्टर जी ,

हिंदी में ठाकुर और इंग्लिश में HandsFree

 


Papu and showroom wala

Papu and showroom wala

पप्पू कूलर शोरूम वाले से  :

भाई साहब उषा का कूलर है ?

दुकानदार :  जी हाँ है

पप्पू  - दे दो वो मांग रही है

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पति अपनी पति से

तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड था क्या ?

पत्नी कुछ देर तक चुप रही

पति  : में इस खामोशी को क्या समझूं

पत्नी  : रुक जाओ , गिनने तो दो

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टीचर  : तुम्हारी कास्ट क्या है ?

बच्चा   : पहले तो हम राजपूत थे

फिर हम पंडित हो गए

फिर बनिया हो गए

और अब हम दर्जी हैं

आगे अम्मी की मर्जी
Ladke ki shaadi

Ladke ki shaadi

एक लडके की शादी नहीं हो रही थी

वो मन्नत मांगने गया अपनी मां के साथ गया

रास्ते में उसकी मां खाई में जा गिरी

लड़का बोला  : या खुदा तेरी खुदाई

अपनी तो मिली नहीं पापा की भी गवाई

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संता एक दिन बैंक में गया

अचानक बैंक में डाकू आ जाते हैं

डाकू  - संता से :

चल अपनी पेंट उतार

संता  - डाकू जी अभी उतारता हूं

डाकू  - अब हाथ उठा

संता ने डाकू के तीन थपड मार दिए

डाकू  - अबे साले तुम मुझे क्यों मार रहा है

संता  - डरते -डरते बोला

भाई साहब आपने तो कहा था "हाथ उठा 
Ghanta singh and daaku

Ghanta singh and daaku

एक बार घंटा सिंह को डाकू उठा ले गए - 

घंटा सिंह को बुरी तरह पीट कर कमरे में बंद कर दिया

डाकू  - हम जा रहे हैं कोई गड़बड़ मत करना

घंटा सिंह  - अरे कमबख्तो कोई काम करने लायक ही नहीं छोड़ा

'

'

डाकू जैसे ही वापिस लौटे

घंटा सिंह  - एक बात बताऊ मारोगे तो नहीं

डाकू  - बताओ क्या बात है जल्दी

घंटा सिंह :

तुम लोग दरवाजा बंद कर गए थे

परन्तु खिड़की खुली थी में तो घर पर खाना खाकर भी वापिस आ गया

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Titanic me kanjoos

Titanic me kanjoos

टाइटैनिक के साथ एक कंजूस भी डूब रहा था

और हंस भी रहा था

दूसरा आदमी  : भाई मेरे तुम हंस क्यों रहे हो ?

कंजूस : शुक्र है मैंने वापसी का टिकेट नहीं कटवाया

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संता अपने गांव से बाहर जा रहा था

अचानक एक लड़का भागता हुआ उसके पास आया

और बोला

पूरे गांव में बाढ़ आ गई है पानी तुम्हारे घर में घुस रहा है

संता : ने लडके को ज़ोर सा थप्पड़ मारा और कहा

घर की चाबी तो मेरे पास है
Santa and Banta bahar ghoomne gaye

Santa and Banta bahar ghoomne gaye

एक बार बंता और संता बाहर घूमने के लिए गए

घुमते -घुमते रस्ते में रात हो गई

दोनों ने टेंट का जुगाड़ कर लिया और एक टेंट लगा लिया

आधी रात को बंता की आंख खुली तो उपर देखकर घबरा गया

जल्दी से संता को उठा लिया

बंता  - उपर देखो क्या दिखाई दे रहा है ?

संता  - वाह चांदनी रात और खुला आसमान

तारे ही तारे क्या नजारा है

बंता  - अबे साले कैसा नजारा है कोई

हमारा टेंट उखाड़ कर ले गया
Guddu ka radio

Guddu ka radio

गुडू के रेडियो में कोई खराबी आ गई

गुडू ने जब रेडियो को खोलकर देखा तो

उसमे मच्छर मरा पड़ा था

मच्छर को मरा पड़े देखते ही

गुडू रोने लगा

एक आदमी ने पूछा :  भाई रो क्यों रहे हो

गुडू  : भाई मेरी Radio का सिंगर  मर गया है