Tuesday, February 16, 2021

Essay on Horse in Hindi

Essay on Horse in Hindi

 घोड़े ने पहली बार लगभग 5000 साल पहले पालना शुरू किया था। अंग्रेजी में, पुरुष घोड़े को 'स्टालियन' और महिला घोड़ी को 'घोड़ी' कहा जाता है। इसी तरह, युवा घोड़ों को अंग्रेजी में 'कोल्ट' और युवा घोड़ी को 'फिल्ली' कहा जाता है। घोड़े पूरी दुनिया में पाए जाते हैं। वे कई रंगों और नस्ल के हैं। यह एक शक्तिशाली जानवर है जो बिना रुके कई घंटों तक चल सकता है। वे केवल नाक से सांस लेते हैं, घोड़े ज्यादातर नाक से सांस लेते हैं, वे मुंह से बहुत कम सांस लेते हैं। दुनिया में 160 से अधिक नस्लों के घोड़े पाए जाते हैं, उनमें से, अरबी घोड़ा बहुत खास माना जाता है। घोड़े की औसत आयु 25 से 30 वर्ष तक होती है।

सामान्य परिचय

घोड़े को लैटिन भाषा से लिया गया है, जहां वैज्ञानिक भाषा में एकस है। घोड़े के चार मजबूत पैर होते हैं, जिसकी मदद से वह लंबे समय तक तेज दौड़ सकता है। इसकी एक लंबी पूंछ होती है, जिस पर बालों का एक गुच्छा बनाया जाता है। घोड़े की लंबी गर्दन और उस पर घने बाल होते हैं। इसके दो गोल, बड़ी आंखें और दो कान होते हैं।

घोड़ा एक जानवर है जो पूरी दुनिया में पाया जाता है, यह विभिन्न रंगों और नस्लों में पाया जाता है। जैसे काला घोड़ा, सफेद घोड़ा। अरबी घोड़ा दुनिया भर में सबसे खास और सबसे तेज दौड़ने वाला घोड़ा माना जाता है। भारतीय सेना में अधिकांश अरबी घोड़ों को पाला जाता है। इन घोड़ों को विशेष प्रकार का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। पुराने दिनों में, सेना के ज्यादातर घुड़सवार दस्ते थे, इनका इस्तेमाल लड़ाई के लिए किया जाता था। युद्ध के मैदानों में घोड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका हुआ करती थी। घोड़ों को रथों में सवार किया गया और युद्ध के लिए ले जाया गया। लेकिन आज समय के साथ युद्ध लड़ने की तकनीक बदल गई है लेकिन अन्य क्षेत्रों में घोड़ों का महत्वपूर्ण स्थान है।

अश्व सूचना हिंदी में ऊंट और हाथी की तरह, एक घोड़ा भी एक चौपाया जानवर है। घोड़े की मांसपेशियाँ बहुत मजबूत होती हैं, इसलिए यह एक शक्तिशाली जानवर है। घोड़े को दौड़ने में माहिर माना जाता है और इसका इस्तेमाल सवारी के लिए भी किया जाता है। पुराने समय में, घोड़ा तत्कालीन राजा महाराजाओं की सेना का एक विशेष हिस्सा था। लड़ाई में घोड़ों का उपयोग किया जाता था, इसके अलावा, राजा जंगलों में शिकार के लिए घुड़सवारी पर जाते थे। भारत की संस्कृति में इस जानवर का महत्वपूर्ण स्थान है।

घोड़े का शाकाहारी पशु की श्रेणी में आता है, यह केवल घास, पुआल और अनाज खाता है। यह जानवर चने खाना पसंद करता है जो इसकी ताकत का एक बड़ा स्रोत है क्योंकि चना खाने से इसके शरीर को ऊर्जा मिल सकती है जिसकी मदद से यह तेजी से चल सकता है। उन्हें घास के मैदानों में छोड़ दिया जाता है जहाँ वह घास खाकर अपना पेट भरते हैं और इसके अलावा मालिक खाने-पीने का भी ध्यान रखते हैं। वह स्थान जहाँ घोड़ा रहता है अस्तबल के रूप में जाना जाता है। अस्तबल वह स्थान है जहाँ घोड़ों के रहने और खाने की विशेष व्यवस्था की जाती है और जहाँ एक से अधिक घोड़ों को रखा जाता है।

एक घोड़ा एक ऐसा जानवर है जो बहुत तेज दौड़ सकता है, यह पलक झपकते ही आपकी आंखों से दूर गिर जाता है, पुराने समय में यह राजा - महाराजाओं और अन्य लोगों की सबसे तेज सवारी थी। इसके अलावा, घोड़ों को संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता था और व्यापारी घोड़े पर बोझ ढो कर अपना व्यापार एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते थे।

घोड़ा कई रंगों में पाया जाता है। यह जानवर ज्यादातर भूरा होता है, इसका शरीर काफी चमकदार और मजबूत दिखता है, इसकी गर्दन लंबी होती है और गर्दन के ऊपर खूबसूरत बालों का एक गुच्छा होता है।


घोड़ों की प्रसिद्ध नस्लें

भारत में घोड़ों की प्रसिद्ध नस्लें पाई जाती हैं, लेकिन अरबी घोड़े मारवाड़ी और काठियावाड़ी घोड़े को विशेष नस्ल माना जाता है। आइए जानते हैं घोड़ों की प्रसिद्ध नस्लों और उनकी खासियतों के बारे में।

मारवाड़ी घोड़े - इन घोड़ों का उपयोग पुराने समय में डी से लड़ने के लिए किया जाता था, इसलिए अक्सर कहा जाता है कि शाही परिवार का खून इन नस्लों के घोड़ों के शरीर में चलता है। इस नस्ल के घोड़े विशेष रूप से राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में पाए जाते हैं। क्योंकि यही उनका मूल स्थान भी है। मारवाड़ी घोड़ों की लंबाई 135 से 140 सेमी और ऊंचाई 150 से 160 सेमी तक होती है। किस नस्ल के घोड़े ज्यादातर राजा महाराजाओं और सेना में खेल प्रतियोगिताओं में उपयोग किए जाते हैं। एक मारवाड़ी घोड़े की कीमत बहुत अधिक है। एक घोड़े की कीमत कई लाख से अधिक होती है। मारवाड़ी घोड़े को भारत में सबसे विशेष नस्ल का घोड़ा माना जाता है।

काठियावाड़ी घोड़े - जो घोड़े गुजरात में पाए जाते हैं, वे बहुत अच्छी नस्ल के घोड़े हैं। गुजरात के अमरेली जूनागढ़ और राजकोट जिलों में पाए जाते हैं। घोड़ा भूरे रंग का होता है और इसकी गर्दन 145 सेमी से अधिक लंबी होती है। भी अधिक है।

कच्छी सिंधी घोड़े - इस नस्ल के घोड़े ज्यादा महंगे होते हैं, इनकी कीमत 300000 से 10 लाख के बीच होती है जय घोड़े चलाने में भी बहुत अच्छे होते हैं। ज़ी के घोड़े हर मौसम में खुद को आसानी से ढाल लेते हैं। उनमें गर्मी झेलने की क्षमता होती है। कच्छी सिंधी घोड़े की नस्ल को भारत में 7 वीं प्रजाति के रूप में मान्यता दी गई है।

कच्चे सिंधी घोड़े की नस्ल मारवाड़ी और काठियावाड़ी घोड़ों की नस्ल से काफी अलग है। जय घोष रेगिस्तानी इलाकों का घोड़ा है क्योंकि इसमें रेगिस्तानी इलाकों में खुद को ढालने की क्षमता है, इसका शरीर खुद से बना है, जो इस ब्रा के सबसे गर्म इलाकों में भी खुद को जिंदा रख सकता है।

स्पीति घोड़ा - इस नस्ल के घोड़े आमतौर पर हिमाचल प्रदेश जाने की पहाड़ी इलाकों में पाए जाते हैं इस घोड़े की ज्यादातर ऊंचाई 128 सेंटीमीटर तक होती है। किस नस्ल के घोड़े पहाड़ी क्षेत्रों में सबसे खास और बेहतरीन मानी जाती है।

मणिपुरी पोनी घोड़ा - इस नस्ल का घोड़ा बहुत सारी भवन भवन रंगों में पाया जाता है यह काफी बढ़िया प्रजाति का घोड़ा माना जाता है क्योंकि जय काफी फुर्तीला और ताकतवर होता है और इसका इस्तेमाल ज्यादातर प्राचीन समय में लड़ाई और आज के समय में खेलों के लिए भी किया जाता है। यह घोड़ा दौड़ने में भी काफी तेज होता है।

भोटिया नस्ल - इस नस्ल के घोड़े ज्यादातर दार्जिलिंग में पाए जाते हैं घोड़े दौड़ने में और सामान ढोने में काफी माहिर होते हैं इसलिए इनका इस्तेमाल ज्यादातर मुख्य रूप से इन्हीं कामों के लिए किया जाता है।


घोड़ा पुराने समयों से ही इंसान का एक अच्छा दोस्त रहा है। घोडा एक सुंदर और वफादार जानवर है। घोडा एक पालतू और तेज़ दोड़ने बाला जानवर है। इस पोस्ट के मध्यम से हम घोड़ो के बारे में कुछ रोचक और दिलचस्प जानकारी देंगे जिससे पहले अपने यह तथ्य (Facts) कभी नहीं सुने होंगे।

घोड़ा का इतिहास

घोड़े को पालतू जानवर बनाने का त्यौहार अज्ञात है इसके बारे में कोई खास पुष्टि की नहीं की गई है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि घोड़ा लगभग 7000 वर्ष पूर्व दक्षिणी रूस में प्रथम बार घोड़ा पाला गया था। किंतु कुछ इतिहासकारों का मानना है कि गौड़ा सबसे प्रथम बार दक्षिण पूर्व एशिया में पहला गया था आरे पूर्वजों ने सबसे पहले गुणों को पालतू बनाया था जो फिर एशिया और यूरोप मिश्र अमरीका आदि देशों में फैला।


अब सवाल यह है कि घोड़ा प्राचीन काल से ही पालतू पशु के रूप में पाला गेम कुछ ऐसे प्रमाण मिले हैं कि के किसी वक्त घोड़ा एक खूंखार पशु हुआ करता था और लोगों द्वारा इसका मांस प्राप्त करने के लिए शिकार भी किया जाता था।


शालिहोत्र जो घोड़े के इतिहास पर लिखी गई पहली पुस्तक है जिसे ऋषि मुनियों के द्वारा महाभारत काल में बहुत पहले के समय में लिखा गया था।

"Horse Essay (information) in Hindi"

घोड़ा एक शाकाहारी पशु है यह घास, भूसा और अनाज खाता है घोड़े को चना बहुत पसंद होता है जो इसकी शक्ति का प्रमुख स्रोत है यह मैदानों में हरी घास खाता है और अपने मालिक द्वारा दिया भोजन खाता है। घोड़ा बोझा ढोने, सवारी करने और गाड़ी खींचने के काम में आता है। प्राचीन समय में घोड़े ही मनुष्य के यातायात का साधन हुआ था। पुराने समय में घोड़ा लड़ाई के काम में भी बड़ा कम आता था कुछ देशों में घोड़ों से खेत जोतने का काम भी लिया जाता है।

प्राचीनकाल में जब यातायात के साधनों का आविष्कार नहीं हुआ था। तब गधा, ऊंट, हाथी, घोड़े आदि जानवरों को ही परिवहन के लिए प्रयोग किया जाता था। इन सभी में सबसे उपयोगी और महत्वपूर्ण है घोड़ा, जो एक पालतू पशु भी है लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक घोड़ों से ही यात्रा करते थे क्योंकि ये उन दिनों के लिए यात्रा की सहज और सबसे तेज़ तरीका था। न केवल यात्रा के लिए बल्कि सामान इत्यादि को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने में इनका प्रयोग होता था।

घोड़े की बहुत सारी प्रजातियां पाई जाती हैं संसारभर में जैसे पहाड़ी घोड़े, मध्य एशियाई घोड़े, अफ्रीकन घोड़े और अरबी घोड़े आदि। अरबी घोड़े अपनी ताकत, तेजी से और तेजी से दुनिया भर में जाने जाते हैं भारत के राजस्थान में पाया गया मेवाड़ी घोड़े भी अपनी शारीरिक रचना, दृढ़ता और समझदारी के लिए प्रसिद्ध हैं महाराणा प्रताप का प्रसिद्ध घोड़ा चेतक भी इसी नस्ल का था।

10 motivational lines in hindi

10 motivational lines in hindi

 Prerak status in Hindi


  1. अच्छे समय का इंतजार करते रहें

संघर्ष एवं धैर्य के साथ


2 . अकेले रहना ज्यादा बेहतर रहता है

जहां लोग आपकी कदर न करते ह

3.उड़ा देती हैं नींदें कुछ जिम्मेदारियां घर की क्योंकि रातभर जागने वाला हर बन्दा आशिक नहीं होता

  1. ज्ञान से ज्यादा जरूरी होता है
आपकी आपके लक्ष्य को पाने की इच्छा

  1. एक छोटी से चींटी आपके पैर को काट सकती है पर आप उसके पैर को नहीं काट सकते इसीलिए जीवन में कभी किसी को कम नहीं आंकना चाहिए वो जो कर सकता है शायद आप न कर पायें .


  2. मेहनत करने वाले कभी भी भूखे नहीं मरते और बुरी नियत वालों के कभी पेट नहीं भरा करते .

  1. घोडा वही पहले स्थान पर आता है जिस पर कोई अनुभवी सवार हो और परिवार आगे वही बढ़ता है यहाँ मुखिया समझदार हो

  1. स्त्री सब कुछ सहन कर लेती है सबसे अधिक बर्दाश्त करने की क्षमता भी उसी में होती है बचपन में भेदभाव ससुराल के उलाहने सहने के बाद भी नहीं टूटती बस टूटती एक वजह से है जिस हमसफर के लिए वह सब कुछ त्याग करके आई एक वही उसे समझ नहीं पाता.

  2. उपवास सदैव अन्न का ही क्यों?


कभी –कभी लोभ लालच, चुगली , झूठ , काम क्रोध एवं चुगली का भी होना चाहिए.

 

  1. कड़वा है मगर सत्य है


मोबाइल के कारण बच्चे माता - पिता के कवरेज एरिया से बाहर हो जाते हैं

Tuesday, September 8, 2020

Fairy Story in Hindi परी की कहानी

Fairy Story in Hindi परी की कहानी

fairy story in hindi

 Fairy Story in Hindi परी की कहानी

जंगल के किनारे आदिवासियों की एक बस्ती थी। उस बस्ती के लोग सुबह होते ही शिकार के लिए चल पड़ते थे। उनके कुत्ते भेड़ियों की तरह लम्बे बालों वाले थे। वे शेर का भी मुकाबला करते थे। हिरण और लकड़बग्घे को दबोचना उनके लिए बड़ा आसान था। आदिवासी अपने इन कुत्तों को जान से ज्यादा प्यार करते थे।

धनवा नाम का एक किशोर इसी बस्ती में रहता था। मगर बस्ती वालों से वह दूर-दूर ही रहता था। उसके दोस्त या तो पश होते या पक्षी। धनवा का एक हाथ और एक पांव टेढ़ा था। जब वह लंगड़ाता हुआ चलता तो लड़के उसका मजाक उड़ाते। इसी बात से धनवा दुखी रहता था। उसका मन करता था कि वह गांव छोड़कर चला जाए लेकिन फिर मांबाप का ख्याल करके रुक जाता। अक्सर वह बस्ती से दूर किसी पेड़ के नीचे बैठ जाता और सारा दिन पशु-पक्षियों की आवाजें सुनता रहता। कभी सोचता कि भगवान ने मुझे ऐसा क्यों बनाया? उसे कभी गांव के लड़कों पर गुस्सा आता तो कभी वह अपनी किस्मत पर आंसू बहाने लगता।

एक दिन उसे घर लौटने में शाम हो गई। वह घने जंगल में दूर चला गया था। वहीं एक पेड़ के नीचे बैठकर वह किसी खरगोश के साथ खेलता रहा। वहां उसने कुछ नए पक्षी भी देखे। वह घर लौटने की सोच ही रहा था कि अचानक एक चमकीली चिड़िया उसके सिर पर मंडराने लगी। धनवा ने देखा चिड़िया बार-बार रंग बदल रही थी और मीठी आवाज में ची-चीं करती चक्कर काट रही थी।

धनवा से रहा नहीं गया। वह उस चिड़िया को पकड़ने के लिए उठ खड़ा हुआ। चिड़िया जिस तरफ उड़ती, वह भी उसी तरफ भागने लगता। अचानक चिड़िया की चोंच से स्त्री का स्वर सुनाई पड़ा, “मैं चमकीली परी हूं, क्या तुम मेरे साथ खेलोगे?"

धनवा बोला, "क्यों नहीं, लेकिन तुम रहती कहां हो?" चिड़िया बोली, "परी लोक में रहती हूं।"
धनवा ने अपने माता-पिता से कई बार परी लोक की कहानियां सुनी थीं। वह चिड़िया के पीछे-पीछे चल पड़ा। चिड़िया धीरे-धीरे उड़ रही थी । धनवा कभी तेज चलता तो कभी दौड़ लगाता। आखिर वह एक जगह थककर बैठ गया। चिड़िया ने उसे थका हुआ देखा तो उसे उस पर दया आ गई।

बोली, "बालक इस तरह तो तुम थककर चूर हो जाओगे। मैं तुम्हारे लिए अपने पंख फैलाती हूं। तुम उन पर बैठ जाना, फिर मैं तुम्हें उड़ाकर अपने साथ ले जाऊंगी। तुम्हें कष्ट नहीं होगा।"
धनवा आश्चर्य से उसकी ओर देखने लगा। चिड़िया का आकार बड़ा होने लगा था। अब वह बहुत बड़ी दिखाई दे रही थी। धनवा मजे से उस पर बैठ गया। चिड़िया आकाश में उड़ने लगी। ऊपर और ऊपर, जहां साधारण पक्षी नहीं पहुंच पाते थे।

वह उड़ती जा रही थी। चिडिया च्या अंतरिक्ष में पहुंची तो धनवा के हाथ-पांवों में भार नहीं रहा। वह चिडिया के पंखों से गिर पड़ा और स्वयं ही आकाश में तैरने लगा। उसे लगा जैसे वह भी एक चिड़िया बन गया है। चिड़िया ने जब उसे अंतरिक्ष में तैरते हुए देखा तो चिंता में पड़ गई। सोचने लगी, "इस तरह तो यह पीछे रह जाएगा। परी लोक तो अभी बहुत यह सोच कर वह फिर पीछे की ओर मुड़ी और बोली, "बालक! मुझे कस कर पकड़ लो। अगर इसी तरह ही उड़ना चाहते हो तो मेरे साथ उड़ो।"

धनवा कुछ देर तक चिड़िया को पकड़कर उड़ता रहा और फिर उसके पंखों पर बैठ गया। चिड़िया पुनः बोली, "तुम मेरे साथ परी लोक की सैर करना लेकिन एक शब्द भी मत बोलना। अगर बोले तो परियों की रानी तुम्हें कारागार में भेज देगी। फिर तुम सारी उम्र वही सड़ते रहोगे। यह भी याद रखना कि मैं वहां जाते ही एक परी की शक्ल में बदल जाऊंगी। बस मेरे पंख दूसरी परियों से भिन्ना होंगे। उनसे रंगबिरंगी किरणें निकल रही होंगी।

इससे तुम मुझे पहचान सकोगे।" धनवा बोला, "तुम फिक्र न करो। मैं बिल्कुल नहीं बोलंगा लेकिन मुझे अपना पूरा महल अवश्य दिखाना।" चिड़िया उसे लेकर परी लोक में पहुंच गई। वहां जाते ही वह परी की शक्ल में आ गई। धनवा ने देखा वहां दूध की नदियां बह रही हैं। सेब के रस के झरने हैं। वृक्ष तरह-तरह के मीठे फलों से लदे हैं। कई पेड़ों पर मिठाइयां लटकी हुई हैं। चिड़िया परी ने धनवा को एक कुंज में छोड़ दिया और कहा, "तुम यहीं रहो, यहां तुम्हें भूख-प्यास नहीं सताएगी। बीच-बीच में मैं आया करूंगी तुम्हें परी लोक की सैर भी करा दूंगी।"

धनवा रोज पेट भर मिठाइयां खाता, फल खाता, जी भरकर दूध पीता और सेब के रस का आनंद लेता। एक दिन उसने देखा कि उसके टेढ़े हाथ और पांव बिल्कुल ठीक हो गए हैं। यह देखकर वह बड़ा खुश हुआ। कुछ दिन बाद उसे अपने माता-पिता की याद आने लगी। उसने परी से घर जाने की प्रार्थना की। परी चिडिया बन गई और उसे अपने पंखों पर बैठाकर पृथ्वी पर ले आई। वह परी लोक से अपने साथ फल भी लाई थी।

धनवा से विदा लेते समय उसने कहा, "धनवा जब तुम अपंग नहीं हो। अब कोई तुम्हारा मजाक नहीं उड़ाएगा। मैं तुम्हें परी लोक का एक फल भी एक दिन उसे घर लौटने में शाम हो गई। वह घने जंगल में दूर चला गया था। वहीं एक पेड़ के नीचे बैठकर वह किसी खरगोश के साथ
खेलता रहा। वहां उसने कुछ नए पक्षी भी देखे। वह घर लौटने की सोच ही रहा था कि अचानक एक चमकीली चिड़िया उसके सिर पर मंडराने लगी। धनवा ने देखा चिडिया बारबार रंग बदल रही थी और मीठी आवाज में चीची करती चक्कर काट रही थी।

दे रही हूं, इसे किसी पेड़ के खोखल में रख देना। तुम जितने चाहोगे उतने फल उस खोखल से निकल आया करेंगे लेकिन शर्त यह है कि प्रतिदिन बच्चों को एक-एक फल अवश्य देना, अन्यथा यह फल अपने आप उड़कर परी लोक में पहुंच जाएगा।" - इसके बाद धनवा ने परी के सामने ही वह फल एक पेड़ के खोखल में डाल दिया। इसके बाद परी धनवा से विदा लेकर अपने लोक चली गई।

कहते हैं आज भी उस पेड़ के खोखल से फल गिरते हैं लेकिन उसे केवल आदिवासी बच्चे ही खा सकते हैं। दूसरों को तो वे दिखाई भी नहीं देते। धनवा आज नहीं है लेकिन वहां एक पक्षी होता है जो 'धनवा-धनवा' की आवाजें करता हुआ उड़ा करता है।


Saturday, August 8, 2020

Jokes ka pitara

Jokes ka pitara



New Funny Jokes in Punjabi Language


1. बीबी के बाप को ससुर कहते हैं
तो Girlfriend के बाप को क्या कहा जाएगा
मुन्ना जी बताओ तो जरा 
शादी के लिए हाँ कर दी तो ससुर
नहीं तो असुर ...
New Funny Jokes in Punjabi Language

2. टीचर : बताओ यदि एक छोटा सा ग्रह धरती से
टकरा जाए तो क्या होगा ?
मिंटू : टन टना की आवाज़ आएगी
टीचर  : वो कैसे ?
मिंटू  : क्योंकि
ये दुनिया …… ये दुनिया पीतल की

3. एक औरत दूकान में घुसी समाना देखते -देखते उसने दूकान के नौकर को पूरा पपरेशान कर दिया
फिर कहने लगी मेरे ख्याल से तुम अपने मालिक को बुलाओ
कम से कम उसे तो थोड़ी समझ होगी
नौकर : जी हां उन्हें मुझ से ज्यादा अक्ल है .
तभी तो वह आपको अंदर आता देख दूकान से खिसक गए
New Funny Jokes in Punjabi Language

4. रोहित  : तुम्हारे घर में तो नौकरानी है
फिर तुम खुद धुलाई क्यों कर रहे हो ?
मनोज  : मैंने उससे शादी जो कर ली है
New Funny Jokes in Punjabi Language

5. बंटी : यार जो तुमने मुझे पौधा दिया था
मैंने घर के गमले में लगाया था
वह अभी तक बढ़ा नहीं है
दोस्त  – तुम्हे कैसे मालूम ?
बंटी  – क्योंकि में उसे रोज उखाड़ कर देखता हूं
6. एक व्यक्ति बड़ी ही तेज़ी से होटल में घुसा और बेटर से बोला
इससे पहले के दंगा हो जाए “मुझे दो समोसे ला दो “
वेटर ने समोसे लाकर दे दिए
कुछ देर बाद
व्यक्ति – इससे पहले के दंगा हो जाए मुझे एक ग्लास जूस का ला दो
वेटर ने जूस भी लाकर दे दिया
इसी तरह यह कहकर व्वो आदमी वेटर से बहुत सारी चीज़ें मंगवाता रहा और खाता रहा
आखिर होटल के मालिक से रहा ना गया
मालिक ने पूछा – भाई दंगा क्यों होने वाला है ?
व्यक्ति – क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं हैं
7. दो चूहे बाइक पर मजे से घूम रहे थे जी
अचानक उनसे एक शेर के बच्चे ने लिफ्ट मांग ली
उनमे से एक चूहा बोला
एक बार फिर से सोच ले
बाद में तुम्हारी माँ ना बोले …..
के गुंडों के साथ घूमता है ……
8. Boy – में तुम्हारे घर गया था
मुझे लगता है हमारी शादी नहीं होगी
Girl – क्यों नहीं हो सकती है ? तुम पापा से मिले थे …
Boy – नहीं डार्लिंग तुम्हारी बहन से मिला था
क्या दिखती है तुम्हरी बहन यार ….
9. Pappu का पिता उसे बुरी तरह पीट रहा था
पड़ोसी  – अरे इस बच्चे को क्यों पीट रहे हो ?
पिता  – कल इसका result आने वाला है
आज मुझे तीन दिनों के लिए बाहर जाना पड़ रहा है …
मैंने सोचा पहले ही पीट दूँ …
10. लड़का अपने दोस्त से
यार मेरा ब्रेकअप हो गया हद तो तब हुई जब उसने मुझे अपने
नये बॉयफ्रेंड की तस्वीर मुझे send की
दोस्त  – तुम्हारे साथ तो बहुत बुरा हुआ
पर तुमने क्या किया ?
लड़का  – मैंने वो फोटो उसे पापा को send कर दी …
Pagal jokes in hindi

Pagal jokes in hindi

 दो मूर्ख तेज स्वर में बातें कर रहे थे। एक ने कहा, "अब मैं सोचता हूं कि लाल किला खरीद ही लिया जाए।"

इस पर दूसरे ने आस्तीन चढ़ाते हुए कहा, "तू खरीदेगा तो तब न जब मैं बेचूंगा।"

Time joke in hindi 

* ** * बुरा वक्त आया तो एक अभिनेता महंगे होटलों की बजाय मुम्बई के एक बेहद सस्ते होटल में खाना खाने को विवश हो गया। उसे यह देख कर हैरानी हुई कि उसका पुराना मित्र वहां बैरागिरी कर रहा है सो उसने हैरत से पूछा, “अरे, तुम ऐसे मामूली होटल में और बैरा?"

अभिनेता ने हैरत से पूछा।

"हां, लेकिन अभी तक तो ऐसी हालत नहीं हुई कि कम से कम भोजन इस होटल में खाना पड़े।" जवाब मिला।

नीरज (प्रथम से), "बेटा पेपर कैसा हुआ?" प्रथम, “पिता जी एक सवाल गलत हो गया।"

नीरज, "चलो खैर, बाकी तो सब तुमने ठीक किए हैं न?"

प्रथम, “पापा, बाकी तो मैंने किए ही नहीं।"

**** एक मूर्ख मुम्बई घूमने के बाद गांव वापस पहुंचा तो लोगों ने उसे घेर कर पूछा, "मुम्बई कैसी है?"

वह बोला, "मुम्बई तो बहुत अच्छी है पर वहां की सरकार बड़ी कंजूस है। एक ड्राइवर की तनख्वाह बचाने के लिए बस के ऊपर बस रखकर चलाती है।"

एक पार्टी में राज ने संजीव से कहा, "मझे आपसे मिल कर बहुत खुशी हुई।"

संजीव, "लेकिन मुझे तो आपसे मिल कर बिल्कुल भी खुशी नहीं हुई।"

राजू, "अगर कुछ देर के लिए आप भी मेरी तरह झूठ बोल देते तो क्या हर्ज था।"

कमल (दुकानदार से), "आपकी दुकान में रखे हुए जूते वैसे तो बहुत बढ़िया दिखते हैं पर इनके चलने की क्या गारंटी है?"

दुकानदार, "इससे बड़ी गारंटी और क्या होगी कि जो भी इन्हें हमसे खरीद कर ले गया है वह दोबारा हमारी दुकान पर कभी नहीं आया।


Sunday, July 26, 2020

Ruk jao Ginne to do

Ruk jao Ginne to do

पति अपनी पति से

तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड था क्या ?

पत्नी कुछ देर तक चुप रही

पति  : में इस खामोशी को क्या समझूं

पत्नी  : रुक जाओ , गिनने तो दो

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टीचर  : तुम्हारी कास्ट क्या है ?

बच्चा   : पहले तो हम राजपूत थे

फिर हम पंडित हो गए

फिर बनिया हो गए

और अब हम दर्जी हैं

आगे अम्मी की मर्जी

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Teacher Student Funny Joke 

अध्यापक पप्पू से

जिसके दोनों हाथ नहीं होते उसे क्या कहते हैं

पप्पू  : मास्टर जी ,

हिंदी में ठाकुर और इंग्लिश में HandsFree

 


Papu and showroom wala

Papu and showroom wala

पप्पू कूलर शोरूम वाले से  :

भाई साहब उषा का कूलर है ?

दुकानदार :  जी हाँ है

पप्पू  - दे दो वो मांग रही है

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पति अपनी पति से

तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड था क्या ?

पत्नी कुछ देर तक चुप रही

पति  : में इस खामोशी को क्या समझूं

पत्नी  : रुक जाओ , गिनने तो दो

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टीचर  : तुम्हारी कास्ट क्या है ?

बच्चा   : पहले तो हम राजपूत थे

फिर हम पंडित हो गए

फिर बनिया हो गए

और अब हम दर्जी हैं

आगे अम्मी की मर्जी
Ladke ki shaadi

Ladke ki shaadi

एक लडके की शादी नहीं हो रही थी

वो मन्नत मांगने गया अपनी मां के साथ गया

रास्ते में उसकी मां खाई में जा गिरी

लड़का बोला  : या खुदा तेरी खुदाई

अपनी तो मिली नहीं पापा की भी गवाई

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संता एक दिन बैंक में गया

अचानक बैंक में डाकू आ जाते हैं

डाकू  - संता से :

चल अपनी पेंट उतार

संता  - डाकू जी अभी उतारता हूं

डाकू  - अब हाथ उठा

संता ने डाकू के तीन थपड मार दिए

डाकू  - अबे साले तुम मुझे क्यों मार रहा है

संता  - डरते -डरते बोला

भाई साहब आपने तो कहा था "हाथ उठा 
Ghanta singh and daaku

Ghanta singh and daaku

एक बार घंटा सिंह को डाकू उठा ले गए - 

घंटा सिंह को बुरी तरह पीट कर कमरे में बंद कर दिया

डाकू  - हम जा रहे हैं कोई गड़बड़ मत करना

घंटा सिंह  - अरे कमबख्तो कोई काम करने लायक ही नहीं छोड़ा

'

'

डाकू जैसे ही वापिस लौटे

घंटा सिंह  - एक बात बताऊ मारोगे तो नहीं

डाकू  - बताओ क्या बात है जल्दी

घंटा सिंह :

तुम लोग दरवाजा बंद कर गए थे

परन्तु खिड़की खुली थी में तो घर पर खाना खाकर भी वापिस आ गया

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Titanic me kanjoos

Titanic me kanjoos

टाइटैनिक के साथ एक कंजूस भी डूब रहा था

और हंस भी रहा था

दूसरा आदमी  : भाई मेरे तुम हंस क्यों रहे हो ?

कंजूस : शुक्र है मैंने वापसी का टिकेट नहीं कटवाया

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संता अपने गांव से बाहर जा रहा था

अचानक एक लड़का भागता हुआ उसके पास आया

और बोला

पूरे गांव में बाढ़ आ गई है पानी तुम्हारे घर में घुस रहा है

संता : ने लडके को ज़ोर सा थप्पड़ मारा और कहा

घर की चाबी तो मेरे पास है